Albert-Victor Raymond

योद्धा

1941-1945

युद्ध के वर्ष

1943 में जर्मन अधिकारियों ने अपनी सेना के लिए युद्ध के सामान के उत्पादन के लिए अल्बर्ट विक्टर रेमंड पर दबाव डालने की कोशिश की। शुरू हुई एक "धीमी गति से दौड़" , क्योंकि उन्होंने अपनी मुक्ति तक उत्पादन नहीं किया।

1950

फ्रांस और जर्मनी: दो विभिन्न बाजार

कपड़ा और चमड़े के उद्योग ग्रेनोबल कारखाने के मुख्य बाजार,  जहां 700 लोग कार्यरत थे। जर्मनी में, वे पहले से ही मोटर वाहन बाजार के पुनर्जन्म के लिए काम कर रहे थे। लॉर्रच फैक्टरी में 130 लोग कार्यरत थे। 

1955

प्लास्टिक इंजेक्शन की शुरुआत

ए रेमंड कंपनी इंजेक्शन मोल्डिंग के साथ सुसज्जित होनेवाली यूरोप में पहली कंपनियों बीच में से एक है: एक रणनीति ने, जो जल्दी ही प्लास्टिक फास्टनरों के निर्माण में एक अग्रणी के रूप में खुद को स्थापित करने में उन्हें मदद की।

1959

एलेन रेमंड का आगमन

अपने पिता  अल्बर्ट विक्टर रेमंड के साथ, 26 साल की उम्र में परिवार के कारोबार की शुरुआत की।

1960

आधुनिकता की राह पर

एलेन रेमंड के नेतृत्व में, प्रमुख सुधारों का शुभारंभ किया गया: लागत लेखांकन, आईटी, उत्पादन प्रबंधन, नई प्रौद्योगिकियों (शमन तकनीक, सतह उपचार, जल प्रदूषण नियंत्रण)। फ्रांसीसी और जर्मन अनुसन्धान के कार्यालयों का निर्माण।

1965

Alain Raymond

सुधारक
एलेन रेमंड के आगमन के साथ परिवर्तन की एक नई हवा आयी। आधुनिकीकरण और जागतिक स्तर पर कामयाबी परिवार के एक व्यवसाय को एक अंतरराष्ट्रीय समूह बना दिया, जो कतरन द्वारा फिक्सिंग का यूरोप में नंबर 1 और दुनिया भर में नंबर 3 की कंपनी बन गयी ।