1955 - 1975
प्लास्टिक की क्रांति
60-70के दशको से, प्लास्टिक को भविष्य का महान सामग्री माना जाता रहा। वाहन निर्माता कंपनियां इसका उपयोग जंग, कंपन, वजन और जलरोधन की समस्याओं का हल करने के लिए करने लगे। निर्माता और डिजाइनरों ने इसे प्रचलन में लाया । एरेमंड नेटवर्क के आविष्कारक यहाँ से प्रेरित हुए।

1957

मोल्डिंग चादर पर फिक्सिंग

आविष्कारक : A.Raymond Company (Germany, Lörrach)

पहले प्लास्टिक फास्टनरों में से एक। स्टेनलेस और जलरोधक अंग जो वाहन के ध्वनि इन्सुलेशन में योगदान देता है। जर्मनी में तत्काल सफलता!

1958

सीलिंग के साथ फिक्सिंग

आविष्कारक : Jean Perrochat

कार के ढांचे की ट्रिम पट्टी के लिए , हटाने योग्य, वाटर सीलिंग और जंगरोधक फास्टनर।

1962

मोल्डिंग के माउंटिंग क्लिप

आविष्कारक : Henri Poivet

 धातु शीट पर प्रोफ़ाइल स्ट्रिप्स की फिक्सिंग। मुख्य नवोन्मेष,  जलरोधक प्लास्टिक कीलक की ज्यामिति में समाई हुई है।

1971

प्लास्टिक के प्रेस बटन

आविष्कारक : Alain Raymond, Henri Poivet

PLASTICLAC रेंज। इसके स्वरूप में एक लोच है जो बटन खोलने और बंद करने  की प्रणाली का शानदार नियमितता सुनिश्चित करता है। कपड़ा उद्योग में कई अनुप्रयोग।

1974

घूमने वाला स्पेसर्स

आविष्कारक : Heinrich Overhoff

फिक्सेशन का सिद्धांत जो केबल या ट्यूब को वांछित दिशा में समायोजित करने में सहायता करता है।

1975 - 1999
तकनीकी विकास
कतरन द्वारा फिक्सिंग को नई प्रौद्योगिकियों और पर्यावरण मानकों के लिये अनुकूलित किया गया। असेंबली तकनीक और सामग्री में निपुणता ने नई विशेषज्ञता को जन्म दिया: द्रव कनेक्टर्स और संरचनात्मक बॉन्डिंग।